युवक ने दरबारी की बात मानी और ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकल पड़ा। उसने अपने गाँव से निकलकर दूर-दूर तक यात्रा की और विभिन्न गुरुओं से ज्ञान प्राप्त किया।
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक दरबारी रहता था। वह बहुत बुद्धिमान और ज्ञानी था। लोगों को उसकी सलाह और उपचार की आवश्यकता थी, इसलिए वे अक्सर उसके पास आते थे। tajul hikmat book in hindi
And so, the young man continued to share his knowledge, and people listened to his words, improving their lives. दरबारी ने कहा
The young man took the nobleman's words to heart and set out to acquire knowledge. He traveled far and wide, seeking out various gurus and learning from them. and people listened to his words
दरबारी ने कहा, "ज्ञान से तुम अपने जीवन को सुधार सकते हो, अपने आसपास के लोगों की मदद कर सकते हो, और अपने आप को और दूसरों को खुश रख सकते हो।"
और इस तरह, युवक ने अपने ज्ञान को फैलाना जारी रखा, और लोग उसकी बातों को सुनकर अपने जीवन को सुधारते रहे।
एक दिन, एक युवक उसके पास आया और कहा, "हज़ूर, मैं बहुत दुखी हूँ। मेरे पास धन नहीं है, मेरे पास परिवार नहीं है, और मेरे पास कोई नहीं है जो मेरी मदद करे।"